सोमवार, 14 अगस्त 2017

वाह रे लोकतंत्र ~~~~~~

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गोरखपुर में हाल की घटना न केवल लोकतंत्र को शम॔सार करने वाली है वरन लोकतंत्र के प्रतिनिधियों को आइना भी दिखाती है । कहां इस मुद्दे पर सभी दलों को गंभीर होना चाहिए वहीं सभी दल दोषारोपण से काम चलाना चाहते हैं जो की सरासर बेमानी है । कम से कम बच्चों के शवों पर सियासत बन्द होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जनता के तंत्र में जनता की नाफरमानी किसी भी सियासी दल को भारी पड़ सकती है चाहे उसकी सरकार कितने ही  प्रचण्ड बहुमत से क्यूं न बनी हो। जैसा कि  यूपी के पूव॔वत्ती चुनावों में देखा भी गया है।